Self determination and hard-work pays | An exclusive interview of Mohammad Tahir (RTS)

Tahir RTS Bundi Behted Sawai Madhopur Kota

अस्सलामु अलयकुम जनाब मोहम्मद ताहिर साहब हम समाज के छात्रों और युवाओं को प्रेरित करना चाहते है यही वजह है की हम ये साक्षात्कार ले रहे है।
पेश है खैलदार अंजुमन टीम की जानिब से लिया गया इंटरव्यू !!

खै.अ. : अस्सलामु अलैकुम, सबसे पहले मैं खैलदार अंजुमन की जानिब से आपको मुबारकबाद देता हूँ| अल्लाह आपको दुनिया व आखिरत में कामयाबी अता फरमाए |

मोहम्मद ताहिर : वआलय्कुम अस्सलाम, शुक्रिया !

खै.अ : आप अपने और अपने परिवार के बारे में बताइए ?

मोहम्मद ताहिर : मैं मोहम्मद ताहिर पुत्र श्री अब्दुल हलीम ग्राम पोस्ट बहतेड तहसील मलारना डूंगर जिला सवार्इमाधोपुर से ताल्लुक रखता हूँ। मेरे बडे भार्इ जनाब मोहम्मद साबिर खान प्रारंभिक शिक्षा में प्रधानाध्यापक है, दो छोटे भार्इ घरेलू एवं तदरीसी कार्य कर रहे हैं। चार बहने गृहिणि है। तथा वालिद काश्तकार रहे हैं। अभी घर पर रहते हैं। मां गृहिणि है।

खै.अ : आपका एजुकेशन बैकग्राउंड क्या रहा ?

मोहम्मद ताहिर : मेरी प्रारंभिक शिक्षा मदरसा नूरूल इस्लाम बहतेड में हुर्इ, इसके बाद बाबुल उलूम मदरसा मलारना डूंगर में कक्षा तीन तक शिक्षा प्राप्त की, यहां पर अबरार अहमद साहब आर.ए.एस. मेरे उस्ताद रहे तथा आगे भी मेरी सम्पूर्ण शिक्षा और आज भी मेरे मार्गदर्शक बने हुए हैं। कक्षा तीन में पढते हुए मैंने पढार्इ छोड दी, और वालिद साहब के साथ खेती का काम करने लगा और लगातार पांच वर्ष तक खेती का कार्य किया, तत्पश्चात 1985 में बडे भार्इ और वालिद साहब के मोटिवेशन से कक्षा आठ प्राइवेट पास किया। सैकण्डरी परीक्षा रा.मा.वि. मलारना डूंगर से पास की, हायर सैकण्डरी कला वर्ग में प्रथम श्रेणी में रा.उ.मा.वि. सवार्इ माधोपुर से उत्तीर्ण कर करौली से बी.एस.टी.सी. परीक्षा पास की इसके बाद बी.ए एम.ए राजनीति विज्ञान और उर्दू में प्रार्इवेट पासकिया।

खै.अ : आपने सरकारी नौकरी में ही जाने का लक्ष्य क्यों चुना ?

मोहम्मद ताहिर : मैं ऐसे परिवार से हूँ जहां सरकारी नौकरी में संख्या नहीं के बराबर थी और मेरे मन मे अपने परिवार, समाज और आमजन के लिए कुछ करने की ललक हमेशा से थी, इसीलिए सरकारी नौकरी में आने का निश्चय किया।

खै.अ : आपने सरकारी टीचर की नौकरी क्यों छोड़ दी ?

मोहम्मद ताहिर : मैं अध्यापक की नौकरी में खुश था, लेकिन आगे बढकर कुछ नया करने की चाहत ने मुझे इंस्पायर किया, और परिणाम आपके सामने हैं।

खै.अ : आपके अब तक के कैरिअर में आपको किन किन परेशनियो का सामना करना पड़ा ?

मोहम्मद ताहिर : जहां तक मैं समझता हूं और मेरे अनुभव से सीखा हूं अगर दृढ इच्छा, सच्ची लगन और र्इमानदारी से अपने कर्तव्य का पालन किया जावे तो काम करना बहुत आसान है, इंसान को अपनेअंदर कार्य संस्कृति विकसित करना चाहिए। इसी कारण मुझे कोई खास परेशानी नहीं हुई ।

खै.अ : अगर आप तहसीलदार ( आर टी एस ) नहीं बनते तो आपके आगे क्या प्लान थे ?

मोहम्मद ताहिर : मुझे अपनी मेहनत बुजुर्गों की दुआ और अल्लाह पर पूरा भरोसा था कि वो मुझे जरूर कामयाब करेगा। फिरभी अगर मेरा चयन नहीं होता तो मैं शिक्षा के क्षेत्र में और आगे जाने का प्रयास करता।

खै.अ : क्या वर्तमान में हमारे युवाओं को भी इस करियर को अपनाना चाहिए, और क्यों ?

मोहम्मद ताहिर : मेरी राय में अधिकाधिक संख्या में इस क्षेत्र में आना चाहिए, क्योंकि इस क्षेत्र में कार्य की विविधताएं एवं चुनौतिया हैं। जिसके साथ कार्य कर इंसान अपनी काबिलियत के साथ इंसाफ कर इंसानियत के लिए बहुत कुछ कर सकता है।

खै.अ : एक तहसीलदार होने के नाते आप कोई एक परिवर्तन करना चाहे तो वो क्या होगा ?

मोहम्मद ताहिर : इस बारे में मैंने कुछ नहीं सोचा है। इस सेवा में आकर संतुष्ट हूं।

खै.अ : आपकी जिंदगी का सबसे बेहतरीन लम्हा क्या था ?

मोहम्मद ताहिर : वर्ष 2008 में इस नौकरी में रहते हुए लगभग दो महीने के लिए भारतीय विदेश मंत्रालय द्वारा हज डयूटी पर मक्का मदीना जाने हेतु चयन किया गया, वह मेरी जिंदगी का बेहतरीन लम्हा था !

खै.अ : आपका अपनी सफलता का श्रेय किसे देते हैं ?

मोहम्मद ताहिर : मैं इस बारे में किसी एक का नाम बताकर अन्यों द्वारा मुझे दिए गए सहयोग को नकार नहीं सकता। मेरे वालिद (अ. हलीम) वालिदा (नजबुननिसा) बडे भाई साहब मोहम्मद साबिर और खासकर अबरार अहमद ( आर ए एस ) जिनकी इनायत हमेशा मेरे उपर बनी हुर्इ हैं। इसके साथ ही भार्इ साहब शरफुद्दीन बैग ने भी समय समय पर मुझे प्रेरित किया।

खै.अ : हमारे युवाओ और छात्रो को कुछ कहना चाहेंगे ?

मोहम्मद ताहिर : मैं सभी छात्र छात्राओं और खासकर नौजवानों को अपील करना चाहूंगा कि कोशिश करें, स्वस्थ प्रतिस्पर्धा बनाए रखें, र्इमानदारी से मेहनत करें, एक दूसरे की मददकरें, हसद, बुग्ज, किना और तकब्बुर से कोसो दूर रहें।, इनशाअल्लाह दीन और दुनिया में हमें कामयाबी मिलेगी।

खै.अ : खैलदार अंजुमन डॉट कॉम के बारे में आप क्या कहना चाहेंगे ?
मोहम्मद ताहिर : यह यादगार और ऐतिहासिक पहल हैं, इसके लिए ज़ियाउल इस्लाम और उनकी टीम को हार्दिक बधार्इ। आधुनिक युग में एक दूसरे को जोडने तथा मुस्तफीद होने का इससे बहतर कोई विकल्प नहीं हो सकता।

खै.अ : आप अपनी तरफ से और क्या कहना चाहते हो ?
मोहम्मद ताहिर :मेरी राय में दीनी मामलात और कम्पेटेंटिव परीक्षाओं के लिए जानकारी वर्धक कालम साप्ताहिक प्रकाशित होने चाहिए।

बहुत-बहुत शुक्रिया

2 thoughts on “Self determination and hard-work pays | An exclusive interview of Mohammad Tahir (RTS)

  1. Dear, who’s the holding this site, because of that in this we have need to video of that interview. It will be more effective of khaildar youth..
    Rest are good….

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