Prophet Muhammad (PBUH) is my Role Model – An exclusive interview with Zubair Ahmed (Newly Selected Headmaster)

Topper Zubair Malarna Doonger Sawai Madhopur Khaildar Kheldar Head Master Prophet Muhammadमोहम्मद ज़ुबैर अहमद  मलारना डूंगर जिला सवाई माधोपुर के रहने वाले हैं, इन्होनें 2005 में थर्ड ग्रेड  टीचर की नौकरी हासिल की, 2012 में  सेकंड ग्रेड  टीचर (आर पी एस सी)  में 21 वीं रैंक हासिल की और अब इसी साल प्रधानाध्यापक (आर पी एस सी)  परीक्षा में 173 वीं रैंक हासिल की।

खैलदार अंजुमन समाज के छात्रो और युवाओ को प्रेरित करना चाहती है इसी लिए यह इंटरव्यू लिया जा रहा है !

पेश है खैलदार अंजुमन टीम की जानिब से लिया गया इंटरव्यू

खै.अ. : अस्सलामु अलैकुम, सबसे पहले मैं खैलदार अंजुमन की जानिब से आपको मुबारकबाद देता हूँ| अल्लाह आपको दुनिया व आखिरत में कामयाबी अता फरमाए |

ज़ु.अ : वआलय्कुम अस्सलाम , बहुत  बहुत शुक्रिया |

खै.अ : आप अपने और अपने परिवार के बारे में बताइए ?

ज़ु.अ : मेरे वालिदे मोहतरम जनाब मोहम्मद लईक अहमद प्रधानाध्यापक है | मेरी वालिदा दीनी तालीम याफ्ता घरेलू खातून हैं |  एक भाई अब्दुल लतीफ़ सेल्फ एम्प्लोयेड है, दूसरा भाई हाफिज जुनैद सऊदी अरब में है, और एक भाई मो. जाकिर एम बी ए है ।

खै.अ : आपका एजुकेशन बैकग्राउंड क्या रहा ?

ज़ु.अ :  शुरुआती शिक्षा (क्लास 1-10 तक ) गाँव में ही हुई है, 10 वीं क्लास 79.45% के  साथ 1994 में पास की, 12 वीं 72% के साथ 1996 में साइंस बायोलोजी के साथ की, बी.ए अंग्रेजी, इतिहास, और उर्दू के साथ 64.73% से 2002 में किया, बी.एड 69.20% से 2003 में आई. ए.एस.इ. यूनिवर्सिटी से किया, एम. ए अंग्रेजी 48.73% 2006 में और एम.ए इतिहास 67.25% के साथ उत्तीर्ण किया |

खै.अ : अपने अब तक के करियर के बारे में बतायें ?

ज़ु.अ : मेरा चयन 2005 में थर्ड ग्रेड अध्यापक (आर पी  एस  स़ी ) में हुआ लेकिन  मेने अध्यन नहीं छोड़ा जेसा की ज्यादा तर लोग करते है | फिर मेरा चयन सन  2012 में  सेकंड ग्रेड अध्यापक के लिए हुआ, मैंने आल राजस्थान में 21 वी रैंक हासिल की, और अल्प संख्यक वर्ग में पहली रैंक हासिल की। 2012 में ही प्रधानाध्यापक की परीक्षा में राजस्थान में 173 वी  रैंक हासिल की और फिर से  अल्प संख्यक वर्ग में प्रथम स्थान हासिल किया।

खै.अ : आपने करियर के लिए सरकारी नौकरी का चुनाव क्यों किया?

ज़ु.अ : जेसा  की आप को पता है मेरे  वालिद साहब भी  सरकारी कर्मचारी  है, तो घर में भी इसी तरह  का माहोल हमेशा से मिला इसी लिए शुरू से ही इस तरफ रुझान रहा| मैं  डॉक्टर बनना चाहता था और इसी फील्ड में आगे बढ़ भी रहा था, मैंने 10 वीं के बाद 12 वीं में साइंस बायलोजी लेकर 72 % भी हासिल भी किये। फिर मैं पी  एम टी की तैयारी  दे लिए कोटा चला गया, लेकिन वहां का माहोल मुझे सूट नहीं हुवा और में  वापस  लौट आया। वापस आकर मैंने बी.ए और बी.ऐड किया और इसके बाद पीछे मुड़  कर नहीं देखा, 2005 में थर्ड ग्रेड अध्यापक,  2012 में  सेकंड ग्रेड अध्यापक, और 2012 में ही प्रधानाध्यापक तक पहुँच गया।

खै.अ : प्रधानाध्यापक से पहले का आपका कितने वर्षो का अध्यापन का अनुभव है?

ज़ु.अ :प्रधानाध्यापक से पहले में लगातार सात वर्षो से अध्यापन कर रहा हूँ।

खै.अ : अगर आप प्रधानाध्यापक नहीं बनते तो किस फील्ड में आगे बढ़ने का मंसूबा था?

ज़ु.अ : मैं पहले ही शिक्षा विभाग में टीचर था, और मेरा लक्ष नेट करके कालेज लेक्चरर बनने का था |

खै.अ : वर्तमान पीढ़ी को ये फिल्ड चुनना चाहिए या नहीं ?

ज़ु.अ :शिक्षण एक बहुत अच्छा क्षेत्र है दीनी  और समाजी दोनों ही ऐतबार से क्योंकि एक अध्यापक समाज  और देश दोनों का  निर्माता होता है, वह अपने ज्ञान से दूसरो का  जीवन बनता है और ये मेरे हिसाब से खिदमते खल्क भी है। मेरी राय में ये बहुत अच्छा क्षेत्र है।

खै.अ : यदि आपको प्रधानाध्यापक के  रूप में अपने पहले वर्ष में स्कूल में  कुछ परिवर्तन करना  हो तो वह क्या होगा ?

ज़ु.अ : निजी विद्यालयों की बनिस्बत सरकारी विद्यालयों के  शिक्षा के स्तर को ऊँचा उठाना,  और ये मुश्किल भी नहीं अगर सरकारी अध्यापक भी अपनी पूरी लगन और महनत से बच्चो को पढाए तो शिक्षा का स्तर अपने आप बढ़ता चला जायेगा  ।

खै.अ : आपकी जिंदगी का सबसे बेहतरीन लम्हा क्या था ?

ज़ु.अ : मेरी जिंदगी का सबसे बेहतरीन लम्हा वो था जब  मेरा चयन राजस्थान विश्वविध्यालय में स्नातकोत्तर अंग्रेजी में एडमिशन हुवा उस वक्त मुझे बहुत ख़ुशी हुई और वो मेरी ज़िन्दगी का बहतरीन लम्हा था।

खै.अ : आपका आदर्श (रोल मॉडल) कौन है और क्यों ?

ज़ु.अ : हजरत मोहम्मद स.अ.व मेरे रोल मॉडल है और उनसे अच्छा रोल मॉडल कोई हो भी नहीं सकता। अल्लाह से दुआ करता हूँ की वो मुझे हमेशा आप (स.) के नक्श ए कदम पर चलाये |

खै.अ : नौजवानों को क्या पैगाम देना चाहेंगे ?

ज़ु.अ : नौजवानों से मैं यही कहूँगा की सफलता का कोई शोर्ट कट नहीं है, दिल से दुआ मांगो और खूब लगन के साथ मेहनत करो, अपने माँ बाप की खूब इज्जत करो और उनका हर कहना मानो माँ बाप की दुआओ के बगैर हम कुछ नहीं कर सकते, आज में प्रधानाध्यापक  हूँ और ये सब उन्ही की दुओं का असर है। आज नौकरी के लिए कम्पीटीशन बहुत हो गया है ऐसे में बगैर कड़ी महनत और लगन के नौकरी मिलना संभव नहीं है, तय्यारी हमेशा सिलेबस के अनुसार करनी चाहिए क्योंकि हम जो पढ़ते है कई बार तो वोह सिलेबस में होता ही नहीं है। प्रतियोगिता दर्पण , क्रोनिकल और इन्टरनेट से  और ज्यादा सीखने को मिल सकता है इन्टरनेट का इस्तेमाल कर हम अपने आप को अपडेट रख सकते है अपने सब्जेक्ट की अच्छी जानकारी भी होती है। और हर दिन कम से कम 10 मिनट कुरआन शरीफ जरुर पढ़े और पांचो नमाज़ों को पाबन्दी के साथ अदा करें इंशा अल्लाह कामयाबी आपके क़दम चूमेगी |

खै.अ : खैलदार अंजुमन डॉट कॉम के बारे में आप क्या कहना चाहेंगे?

ज़ु.अ : खैलदार अंजुमन डॉट कॉम एक बहुत ही अच्छी कोशिश है, अल्लाह से दुआ करता हूँ यह अंजुमन जो मकसद लेकर उठी है उसमे कामयाब हो.

खै.अ : आप अपनी तरफ से और क्या कहना चाहते हैं?

ज़ु.अ : आखिर में मै खैलदार अंजुमन की पूरी टीम को बहुत मुबारक बाद देता हूँ …..शुक्रिया

Courtesy : Azam Mirza (Behted) & Saquib Shooter (Kota)

4 thoughts on “Prophet Muhammad (PBUH) is my Role Model – An exclusive interview with Zubair Ahmed (Newly Selected Headmaster)

  1. ज़ुबैर अहमद भाई को बहुत बहुत मुबारकबाद | अल्लाह आपको और तरक्की अता करे |
    खैलदार अंजुमन को इंटरव्यू लेने और हमारे साथ शेयर करने के लिए बेहद शुक्रिया |

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