Dil me Honsla Rakhiye Kashtiyan Jalane Ka – A motivational interview with IAS Jafar Malik

पेश है खैलदार अंजुमन टीम की जानिब से जाफ़र मलिक आई.ए.एस (आल इंडिया रैंक 97) का लिया गया इंटरव्यू

IAS Jafar Malik Interview with Khaildar Anjuman

हम समाज के छात्रो और युवाओ को प्रेरित करना चाहते है यही वजह है की हम ये इंटरव्यू ले रहे है।

खै.अ. : अस्सलामु अलैकुम, सबसे पहले मैं खैलदार अंजुमन की जानिब से आपको आई.ए.एस बनने पर दिली मुबारकबाद देता हूँ| अल्लाह आपको दुनिया व आखिरत में कामयाबी अता फरमाए |

खै.अ : आप अपने और अपने परिवार के बारे में बताइए ?जाफ़र मलिक :वआलय्कुम अस्सलाम | बहुत शुक्रिया !

जाफ़र मलिक : मैं जाफर मालिक सवाई माधोपुर का रहने वाला हूँ तथा मेरी आयु 24 वर्ष है मेरे पिता श्री अबरार अहमद आर.ए.एस ऑफिसर है तथा वर्तमान में उदयपुर जिला परिषद में मुख्य कार्यकारी अधिकारी है मेरी माता एक ग्रहणी है मेरे बड़े भाई मज़हर राजस्थान ग्रामीण विकास सेवा के 2010 बेच के अधिकारी है तथा मेरे दूसरे भाई अजहर जावेद पेशे से शिक्षक है छोटी बहन अंजुम अफरोज़ उदयपुर से बी.ए. एल.एल.बी कर रही है।

जाफ़र मलिक : मैंने अपनी 10वीं कक्षा की परीक्षा जोधपुर से तथा 12वीं कक्षा बांसवाडा से पास की तथा कोटा युनिवर्सिटी से प्राइवेट विद्यार्थी के रूप में बी.ए किया।खै.अ : आपका एजुकेशन बैकग्राउंड क्या रहा ?

खै.अ : आपको किसने अपने कैरियर के रूप में सिविल सेवा चुनने के लिए प्रेरित किया?

जाफ़र मलिक : सिविल सेवा में आने का स्वप्न मेरे पिता का था साथ ही कई युवा अधिकारियों की प्रेरणा भी इसके पीछे कार्य कर रही थी समाज से प्रत्यक्ष जुड़ाव होने के कारण यह सेवा मुझे सदैव आकर्षित करती रही।

खै.अ : सिविल सेवा परीक्षा में आपकी सफलता का राज़ क्या है? और आप अपनी सफलता का श्रेय किसे देना चाहते है?

जाफ़र मलिक : इस परीक्षा में सफलता का मूलमंत्र ईशवर में गहन आस्था, आत्मविश्वास तथा निरंतर परिश्रम था, मैं अपनी सफलता श्रेय सर्वप्रथम अल्लाह को तथा उसके बाद माता पिता को देना चाहूँगा साथ ही अपने दोनों ताऊजी, भाई मजहर, फरीद, अजहर तथा बहन अंजुम को देना चाहूँगा।

खै.अ : आपके माता-पिता, परिवार और दोस्तों ने केसे आपकी सफलता में योगदान दिया?

जाफ़र मलिक : मेरे पिता ने हर मुश्किल ओर असफलता के समय मेरा हौसला बढ़ाया साथ ही उनके संघर्ष से में सदेव प्रेरणा लेता रहा मेरे ताऊजी स्वर्गीय सगीर अहमद का यह स्वप्न था परन्तु आज वह हमारे बीच नहीं है मेरे ताऊजी श्री इकबाल अहमद भाई फरीद तथा मज़हर कठिन वक़्त में हमेशा मेरे साथ रहे, तथा मुझे निरंतर संघर्ष की प्रेरणा देते रहे अजहर तथा अंजुम का भी सराहनीय सहयोग रहा।

खै.अ : सिविल सेवा परीक्षा के लिए आपके वैकल्पिक विषय क्या कर रहे? और ऐच्छिक विषयों के चयन के लिए आपके मानदंड क्या थे ?

जाफ़र मलिक : मेरे सब्जेक्ट इतिहास तथा उर्दू साहित्य थे तथा इनके चुनाव का आधार मेरी रूचि तथा विषय सामग्री की उपलब्धता थी।

खै.अ : साक्षात्कार के लिए आपने किस प्रकार तैयारी की ?

जाफ़र मलिक : इंटरव्यू के लिए मैंने दिल्ली में संकल्प निर्माण तथा डिस्कवरी संस्थान में मोक इंटरव्यू दिए। इन्टरव्यु के लिए अपने भाई मज़हर से किया गया डिस्कशन अमूल्य रहा तथा उसका प्रयत्क्ष लाभ मिला।

खै.अ : हम युवाओं को प्रशासनिक सेवा में शामिल होने के लिए किस प्रकार प्रेरित कर सकते हैं ?

जाफ़र मलिक : युवा लोगो को इस सेवा की ओर आकर्षित करने के लिए सबसे पहले उनकी मानसिकता को बदलना होगा, तथा यह बताना होगा कि यह भी संभव है साथ ही उन्हें निरंतर मेहनत की प्रेरणा देनी होगी जो पढाई के साथ ही सफलता के लिए अत्यावश्यक है।

“ज़माना अक्ल को समझा हुआ है मशले राह, किसे खबर है जूनून भी है साहिबे इदराक” . (इक़बाल)

खै.अ : आप भारतीय प्रशासनिक सेवा के लिए नहीं चुने जाते तो, आप किस फील्ड में अपना करियर बनाते ?

जाफ़र मलिक : वैसे तो मैंने स्वयं ही अपने लिए सभी रास्ते बंद कर दिए थे क्योंकि मैं अपनी सफलता के प्रति आशान्वित था फिर भी अगर मुझे कोई और करियर चुनना होता तो मै स्वंय का एक निजी विधालय चलाता।

खै.अ : आपके जीवन में सबसे अच्छा पल क्या था?

जाफ़र मलिक : मेरे जीवन का अभी तक सबसे सुखदायी क्षण वह था जब मेरा आई.ए.एस का रिजल्ट आया तथा मेरे पिता को मुझ पर गर्व हुआ।

खै.अ : आपके रोल मॉडल कौन है और क्यों?

जाफ़र मलिक : मेरे रॉल मोडल मशहूर शायर अल्लामा इक़बाल है जिन्होंने अपनी शायरी से नौजवानों को बेदार करने की कोशिश की।

“जवानों को आहे सहर बख्श दे, मेरा इश्क मेरी नज़र बख्श दे”

खै.अ : आप युवाओं और खैलदार छात्र छात्राओं को क्या सलाह देना चाहते हैं?

जाफ़र मलिक : युवाओ के लिए मेरा सन्देश यही है कि समय अनमोल है तथा आपका हर पल आपको सफलता की ओर ले जा सकता है इस लिए एक पल भी व्यर्थ गंवाए बिना पूरे जुनून और संघर्ष के साथ सफलता की ओर बढ़े।

खै.अ : हमारी वेबसाइट khaildaranjuman.com के बारे में आपके क्या विचार हैं ?

जाफ़र मलिक:खेलदार अंजुमन वेबसाइट बेशक कौम में बेदारी कायम करने का अच्छा जरिया है इसकी पहुँच और अधिक युवाओं तक बढ़ाने की आवश्यकता है, साथ ही कम्पीटीशन तथा रोजगार सम्बन्धी जानकारियों को भी अपडेट किया जाये तो सोने पर सुहागा होगा।

खै.अ : आप कुछ ओर कहना चाहेंगे ?

जाफ़र मलिक : ” कामयाब करती है फैसलों की मजबूती, दिल में हौसला रखिये कश्तियाँ जलाने का”

जाफर मालिक द्वारा शेयर किये गए कुछ अन्य पॉइंट्स :

* संकल्प संस्थान से मैं इंटरव्यू के लिए जुड़ा था क्योंकि मैंने इस क्षेत्र में संस्थान का नाम काफी सुन रखा था संस्थान में निस्वार्थ भाव से कम करने का जज्बा बेहतरीन है मैंने अपने दो माक इंटरव्यू में संस्थान के अनुभवी फेकल्टी से काफी कुछ सीखा जिससे मुझे इंटरव्यू में 195 अंक मिले।

* मेरे अनुसार मेरी सफलता का मुख्य कारण ईश्वर मे अटूट विश्वाश, आत्मविश्वाश तथा निरंतर परिश्रम है, यह परीक्षा पढाई के आधार पर पास नहीं की जा सकती है क्योंकि कम्पीटीशन अत्याधिक होता है बल्कि स्वयं को पूर्णत: इस ध्यये के प्रति समर्पित करना होता है तथा समाज के लिए कुछ करने का जज्बा दिल में रहना जरुरी है जो आपकी प्रेरणा बना रहे।

* वैसे तो परीक्षा का हर स्तर कठिनाई पूर्ण है परन्तु उचित रणनीति से कार्य किया जाए तो सब आसान हो जाता है।

* प्रारंभिक परीक्षा के लिए निरंतर अभ्यास, मुख्य परीक्षा के लिए शानदार अभिव्यक्ति कौशल, तथा इंटरव्यू के लिए आत्मविश्वास तथा सकारात्मक सोच अत्यधिक आवश्यक
है।

* मुख्य परीक्षा में मेने वैकल्पिक विषयों में उत्तर लेखन किया तथा निरंतर उसमे सुधार का प्रयत्न करता रहा साथ ही सामान्य अध्यन के लिए निरंतर समाचार पत्र एवं पत्रिकाओ से भी जुडा रहा।

* समय प्रबंधन के लिए टेस्ट सीरीज भी ज्वाइन की।

* इंटरव्यू के लिए 5-6 मॉक इंटरव्यू दिए तथा बायोडाटा पर स्वयं प्रशनोत्तर तैयार किये।

 

 

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